Saturday, 30 November 2024

हम भगवान शिव के जीवन से क्या सीखते है।

भगवान शिव, जिन्हें "महादेव, शिव शंकर, महाकाल, भोले शंकर आदि नामो से भी जाना जाता है, उनके जीवन और व्यक्तित्व से कई महत्वपूर्ण शिक्षाएँ मिलती हैं। उनके गुण और आचरण मानव जीवन के हर पहलू को प्रेरित करते हैं। आइए जानते हैं भगवान शिव के जीवन से मिलने वाली कुछ मुख्य शिक्षाएँ:

1. सादगी और त्याग

शिव जी का जीवन सादगी से भरा है। वे कैलाश पर्वत पर रहते हैं, गले मे सांप, हाथों में त्रिशूल और भस्म धारण करते हैं। इससे हमें सिखने को मिलता है कि बाहरी भौतिक चीज़ों में सुख नहीं है, असली खुशी सादगी और आत्मसंतोष में है।


2. धैर्य और सहनशीलता

शिव को "नीलकंठ" कहा जाता है क्योंकि उन्होंने समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को पी लिया और उसे अपने कंठ में धारण किया। यह हमें सिखाता है कि कठिनाइयों और विषम परिस्थितियों में धैर्य और सहनशीलता बनाए रखना चाहिए।


3. समता और निष्पक्षता

शिव समानता और निष्पक्षता का प्रतीक हैं। वे भूत, पिशाच, देवता, मनुष्य सभी को समान रूप से स्वीकार करते हैं। इससे हमें हर प्राणी और व्यक्ति को समान दृष्टि से देखने की प्रेरणा मिलती है।


4. क्रोध पर नियंत्रण

शिव जी को क्रोध के देवता भी कहा जाता है, लेकिन उनका क्रोध हमेशा उद्देश्यपूर्ण और नियंत्रित होता है। यह हमें सिखाता है कि क्रोध पर नियंत्रण रखना चाहिए और इसे सही दिशा में उपयोग करना चाहिए।


5. प्रेम और परिवार

शिव पार्वती और अपने बच्चों, गणेश और कार्तिकेय से असीम प्रेम करते हैं। उनके परिवार के प्रति समर्पण से हमें यह सीख मिलती है कि परिवार को प्राथमिकता देनी चाहिए और उन्हें स्नेह देना चाहिए।


6. आत्मज्ञान और ध्यान

भगवान शिव ध्यान और साधना के प्रतीक हैं। यह हमें सिखाता है कि जीवन की चुनौतियों से निपटने और मानसिक शांति पाने के लिए ध्यान और आत्मचिंतन आवश्यक है।


7. सृजन और विनाश का संतुलन

शिव सृजन (नृत्य रूप में तांडव) और विनाश दोनों के देवता हैं। यह सिखाता है कि पुरानी और नकारात्मक चीज़ों को खत्म करके नए और सकारात्मक जीवन की शुरुआत करना जरूरी है।


8. कर्म का महत्व

शिव जी हमें सिखाते हैं कि जीवन में कर्म ही सबसे महत्वपूर्ण है। हमें अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए और उसका फल भगवान पर छोड़ देना चाहिए।


9. स्वाभाविकता और सत्यता

शिव अपने स्वाभाविक रूप में रहते हैं। वे अपनी सच्चाई को छुपाते नहीं। यह हमें सिखाता है कि हमें अपने वास्तविक स्वरूप को स्वीकार करना चाहिए और दिखावे से बचना चाहिए।


भगवान शिव का जीवन हमें सिखाता है कि आत्मज्ञान, सादगी, प्रेम, और समर्पण से भरपूर जीवन ही सच्चा और सार्थक जीवन है।

Wednesday, 13 November 2024

आज के समय में Time is Money.  समय ही पैसा है.

दोस्तो आज के मार्केट को देखकर बहुत से साथी घबरा गए हैं। इसलिए सोचा इसपर छोटा सा वीडियो बनाकर अपना थोड़ा सा जो अनुभव है वो आप सबसे साझा करूं।

दोस्तो "समय ही पैसा है" और जैसा तुमने चाहा है वैसा है। कहने का मकसद है कि अगर आप लंबे समय का नजरिया लेकर इन्वेस्ट कर रहे थे और कर रहें है तो घबराना कैसा। और अगर आप कम समय के लिए पैसा बनाने का सोच कर घुसे हैं तो आपकी बदकिस्मती है।

दोस्तों चलिए एक उदाहरण से समझते है..की स्टॉक बेचना चाहिए या नहीं।

आपने बड़ी मेहनत से एक प्लॉट ख़रीदा लेकिन दुर्भाग्य से कुछ समय बाद बाढ आने से उसमें पानी भर गया। क्या आप उसे डरकर सस्ते में बेच दोगे! नहीं। क्योंकि आप जानते हो कि ये बाढ का पानी कुछ दिनों में सूख जाएगा। बस शेयर मार्केट में भी अभी यही हाल है। बेचने का समय लगभग निकल गया है। अब धैर्य रखें और पानी सूखने का इंतज़ार करें।

नमस्कार दोस्तों मैं हूँ शाश्वत धुर्वे...वीडियो को अंत तक जरूर देखें।

मार्केट हर वक्त हमारी इच्छा अनुसार नहीं चलता है। उतार चढ़ाव मार्केट का स्वभाव है।

दोस्तों मैने नवंबर 2019 के आस पास मार्केट में एंट्री ली थी। और किस्मत का खेल देखिए पैसा लगाते ही करोना ने दस्तक दे दी। 
नया खिलाड़ी पहली ही गेंद पर हिटविकट हो गया। 
2 साल तक लाल रंग देखता रहा।
 नया पैसा डालने का मन भी नहीं किया, हताशा और निराशा दोनों थी।
फिर 2021 में मार्केट को पढ़ना शुरू किया। 
किताबें पढ़ी मेंटर ढूंढे। 
जहां भी जो भी मार्केट के बारे में सीखने को मिलता पढ़ा सिखा। 
फिर जाकर एक बात समझ में आई कि पैसा कभी भी बन जाता है परंतु "दौलत" बनने में वक्त लगता है। 
दोस्तो मैं यही कहूंगा कि मार्केट सिर्फ समय और धैर्य मांगता है।

2021 की सीखी बातों पर 2022 में अमल किया। 
जब जितना हो सका अच्छे अच्छे स्टॉक्स में पैसा लगाया। 
धीरे धीरे पोर्टफोलियो ने गिरगिट की तरह रंग बदला, लाल से हरा। 
उसके बाद तो मानो सावन की हरियाली छा गई। 
लंबे समय के पोर्टफोलियो में शेयर दो गुना, तीन गुना और एक आध शेयर तो 5 गुना तक भी हो गया।
छोटे समय के बनाए पोर्टफोलियो में मात्र 6 से 8 महीने में तकरीबन 10 शेयर को दोगुना या उससे ज्यादा के दाम पर बेचा। 
F&O में पैसा खोया। 
शॉर्ट टर्म में वापिस कमाया। 
ऑप्शंस सिखा, फ्यूचर किया, कमोडिटी में ट्रेड किया crypto इकठ्ठा किया।
सौ बात की एक बात ये समझ आई कि मार्केट में समय ही पैसा है, और वैसा ही जैसा तुम्हारे पास समय और धैर्य है। 
कम समय तो कम पैसा।
ज्यादा समय तो ज्यादा पैसा

दोस्तों कहते हैं, रोम एक दिन में नहीं बना था, लेकिन मैंने इसमें एक बात और जोड़ी है—हिरोशिमा और नागासाकी एक ही दिन में तबाह जरूर हुए थे।
शेयर बाजार भी कुछ ऐसा ही है। यहाँ सफलता पाने में समय लगता है, पर एक गलत कदम हमें एक ही दिन में भारी नुकसान में धकेल सकता है।
इसलिए बाजार में धैर्य रखें, सही निर्णय लें और धीरे-धीरे आगे बढ़ें। याद रखें, सफलता की इमारत धीरे-धीरे ही खड़ी होती है, लेकिन गिरने में वक्त नहीं लगता।

वैसे भी स्कैम 1992 मूवी का डायलॉग है "आदमी हो या मार्केट सबको जाना तो ऊपर ही है"।

धन्यवाद दोस्तों 

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